Kuljam.org

विषय-सूची

आवागमन | Aavaagaman

आवागमन का शाब्दिक अर्थ है आना-जाना । अध्यात्म के सन्दर्भ में इसका प्रयोग जन्म-मरण के लिए होता है ।

आवागमन का चक्र ऐसा है, जिसके बन्धन से जीव तब तक मुक्त नहीं हो पाता जब तब परब्रह्म की कृपा से उसे अखण्ड मुक्ति न मिल जाए । यह अवसर सिर्फ इसी बार मिला है क्योंकि पहली और आखिरी बार संसार में परब्रह्म स्वरूप श्री प्राणनाथ पधारे हैं ।