अंकुर
अंकुर या अंकूर का अर्थ होता है बीज या अंश ।
जब किसी मनुष्य में क्षर से परे की आत्मा का वास हो और उसका मूल तन बेहद में हो, तो उसके अन्दर बेहद का अंकुर माना जा सकता है ।
जब किसी में धाम की आत्मा का वास हो और उसका मूल तन धाम में हो, तो उसे धाम का अंकुर या ब्रह्मसृष्टि माना जाता है ।
