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विषय-सूची

ब्रह्मचर्य | Brahmacharya

ब्रह्मचर्य का अर्थ है ब्रह्म में विचरण करना ।

मानसिक ब्रह्मचर्य

मन को ब्रह्म के शुद्ध विचारों में लगाए रखना ही मानसिक ब्रह्मचर्य कहलाता है ।

शारीरिक ब्रह्मचर्य

अपने वीर्य या रज की रक्षा करना ही शारीरिक ब्रह्मचर्य है । जब कभी ब्रह्मचर्य की बात होती है, तो अधिकतर उसका अभिप्राय शारीरिक ब्रह्मचर्य से होता है ।

ब्रह्मचर्य के नियम