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विषय-सूची

श्री खटरूती | Shri Khatruti

श्री कुलजम सरूप के चौदह ग्रन्थों में से एक खटरूती है । यह ज्ञान परब्रह्म के आवेश स्वरूप श्री प्राणनाथ जी के मुख से जामनगर में प्रकट हुआ और इसकी शैली चौपाइयों के रूप में है ।


विषय सूची-

  1. मारा वालाजी रे वल्‍लभ (वरखा रूत)
  2. सरदनी रूत रे सोहामणी रलियामणी (सरद रूत)
  3. रूतने आवी रे वालैया हेमनी (हेमंत रूत)
  4. सीत रूत पिउजी तम विना (सीत रूत)
  5. रूतडी आवी रे मारा वाला (रूत वसंतनी)
  6. वालाजी विना रूत ग्रीखम हो (गरमी रूत)
  7. सुणोने वालैया (अधिक मास)
  8. वचन वालाजीना वालेरा रे लागे (खटरूती का कलस)
  9. पिउजी तमे सरदनी रूते रे सिधाव्या (अथ बारे मास - सरद रूत)
  10. वाला मारा हेमाले थी हेमरूत हाली (हेमंत रूत)
  11. वाला रूतडी आवी रे सीतलडी लूखी (सीत रूत)
  12. वाला मारा आवी रे रूतडी वसंत (वसंत रूत)
  13. वाला मारा आवी रे रूतडी ग्रीखम (ग्रीखम रूत)
  14. पावसियो आव्यो रे वरखा रूत मांहें (वरखा रूत)
  15. वाला मारा खटरूतना बारे मास (बारहमासी का कलस)

इसी सन्दर्भ में देखें-