अचवन | Achvan
अचवन कीजे कृपा निधान, सुन्दर अचवन कीजे परम निधान ।
एक सखी जमुना जल ले आई, दूजी लाई खरिका पान ॥१॥
काथो सुपारी चूना लवंग इलायची, बीड़ी वाली चतुर सुजान ॥२॥
आप पाय सखियन को दीजे, श्री छत्रसाल कुरबान ॥३॥
अचवन कीजे कृपा निधान, सुन्दर अचवन कीजे परम निधान ।
एक सखी जमुना जल ले आई, दूजी लाई खरिका पान ॥१॥
काथो सुपारी चूना लवंग इलायची, बीड़ी वाली चतुर सुजान ॥२॥
आप पाय सखियन को दीजे, श्री छत्रसाल कुरबान ॥३॥