Kuljam.org

विषय-सूची

अर्जी- पिया जी तुम हो तैसी कीजियो | Arji- Piya ji tum ho taisi kijiyo

पिया जी तुम हो तैसी कीजियो, मैं अर्ज करूं मेरे पिउ जी । हम जैसी तुम जिन करो, मेरा तलफ तलफ जाए जीउ जी ॥१॥

जीवरा तो जीवे नहीं, क्यों मिटे दिल की प्यास जी । तुम बिना मैं किनसों कहूं, तुम हो मेरी आस जी ॥२॥

आस बिरानी तो करूं, जो कोई दूसरा होए जी । सब विध पिया जी समरथ, दिन रैन जात रोए रोए जी ॥३॥

जनम अंधी जो मैं हुती, सो क्यों देखूं नीके कर जी । जब तुम आप दिखाओगे, तब देखूंगी नैन नजर जी ॥४॥

ए पुकार पिया जी सुन के, ढील करो अब जिन जी । खिन खिन खबर लीजिए, मैं अर्ज करूं दुलहिन जी ॥५॥

ऐती अर्ज मैं तो करूं, जो आड़ी भई अन्तराए जी । सो आड़ी अन्तराए टालि के, दुलहा लीजे कण्ठ लगाए जी ॥६॥

कण्ठ लगाइए कण्ठ सों, पिया कीजे हांस विलास जी । वारणे जाए श्री इन्द्रावती, पिया राखो कदमों के पास जी ॥७॥

तुम दुलहा मैं दुलहिन, और न जानों बात जी । इस्क सों सेवा करूं, सब अंगों साख्यात जी ॥८॥

सदा सुख दाता धाम धनी, मैं कहा कहूं किनसो बात जी । श्री महामति जुगल सरूप पर, अंगना बलि बलि जात जी ॥९॥

सेवा पूजा - विषय सूची