भोग- केसर बाई के मोहोल पधारे
केसर बाई के मोहोल पधारे, चरण पखालों ले झारी । नूर की चौकी मैं डारूं मन्दिर में, ता पर श्यामावर आये ॥१॥
लाड बाई जी थाल ले आई, पकवान बहुत बनाई । जेंवत युगल जोड़ी सुख पावत, श्री इन्द्रावती चंवर डोलाई ॥२॥
बाई साकुण्डल हाथ धुवाये, सखियन पान खवाये । उठि के जियावर आये तखत पर, श्री श्यामा जी संग सुहाये ॥३॥
कृपा सिंधु दया करी मुझ पर, श्री प्राणनाथ पति पाये । परमहंस प्रणाम करत, सब साथ को शीश नमाये ॥४॥
