झीलना- श्री जमुना जी के घाट में | Jheelna- Shri Jamuna ji ke ghat mein
श्री जमुना जी के घाट में, अमृत वन पाट में । करत क्रीड़ा जल जोयना, संग सोहे श्यामा । सच्चिदानन्द चित चाहना, संग सोहे श्याम ॥१॥
राजित किशोर किशोरी, शोभित जुगल जोड़ी । राज रसिक पिया प्रेमना, संग सोहे श्याम ॥२॥
सकल सिनगार किये, अजब तिलक दिये । रंग रंगीले दोऊ रंगना, संग सोहे श्याम ॥३॥
प्रीति सों प्रीतम प्यारी, निरखत नवरंग नारी । श्री जी अखंड सुख निजधाम ना, संग सोहे श्याम ॥४॥
