परिक्रमा- प्रथम भोम शोभा अति भारी | Pratham bhom shobha ati bhari
प्रथम भोम शोभा अति भारी, बैठे सिंहासन श्री युगल बिहारी ॥१॥
सिंहासन कंचन मणि सोहे, निरखि हरखि सखियां मन मोहे ॥२॥
सखियां सर्व शोभा अति सुन्दर, चौंसठ थंभ तकियों के अन्दर ॥३॥
वस्तर भूखन तेज अति जोर, ता मध्य बैठे श्री युगल किशोर ॥४॥
युगल किशोर सोभा किन विध गाइये, श्री महामति युगल पर वारी वारी जाइये ॥५॥
