पौढ़ावनी- पधारो मेरे वाला जी | Paudavni- Padharo mere Vala ji
पधारो मेरे वाला जी, रंग भरी रैन ।
चुन चुन कलियां मैं सेज बिछाऊं, सब अंगों सुख देन ॥१॥
लटक मटक पिया चाल चलत हैं, ठुमक ठुमक पग देन ॥२॥
कब की खड़ी मैं अर्ज करत हूं, क्यों न सुनो मेरे बैन ॥३॥
ऐहेल सखी अब देर न कीजे, चरण कमल चित देन ॥४॥
