पौढ़ावनी- रंग परवाली पिया जी को मन्दिर | Paudavni- Rang parvaali Piya ji ko mandir
रंग परवाली पिया जी को मन्दिर, रंग परवाली पिया जी को मन्दिर ॥टेक॥
चौथी भोम नृत्य की बाखर, नवरंग बाई नृत्य करे अन्दर ॥१॥
झमक झमक पग धरत धरनि पर, मन्दिर बीच उठत स्वर झांझर ॥२॥
बारह हजार सखियन में बिहरत, पूरणानन्द पिया सुख कंदर ॥३॥
जुगल स्वरूप सुख सेज्या शयन कर, मखमल तकिया धरें अति सुन्दर ॥४॥
प्राग सखी बलि जाय चरण की, सोय रहीं सखियां चरण धर हिय पर ॥५॥
