संस्कृत | Sanskrit
संसार की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा संस्कृत है । इसकी लिपि देवनागरी है । बहुत भाषाओं का उद्भव संस्कृत से हुआ है ।
अध्यात्म में संस्कृत
हिन्दू धर्म का अधिकतर प्राचीन साहित्य संस्कृत में है । सामान्यतः लोग उसका हिन्दी अनुवाद पढ़ते हैं ।
एक अक्षर (व्यञ्जन) में अलग-अलग मात्रा (स्वर) जोड़ कर बारह प्रकार का अर्थ होता है । ऐसे बत्तीस अक्षरों को जोड़कर श्लोक बनता है । इस प्रकार शास्त्रों (संस्कृत ग्रन्थों) ने बड़ा छल किया है ।1
जिसका नाम संस्कृत है, सो तो संशय की ही कृति (रचना) है । जब इतने अर्थ निकलते हैं, तो सही अर्थ निश्चित कैसे होगा ? इसने सबको व्याकरण के वाद-विवाद में लगा रखा है, जिससे वे अन्धकार (अज्ञानता) में फंसे रहते हैं । इसके ज्ञान से बेसुध होकर सबका विवेक और विचार खाली हो गए हैं ।2
(1) कलस हिन्दुस्तानी 17/8 (2) कलस हि. 17/11,3
