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सूर्य | Surya

सूर्य एक नक्षत्र है, जो इस नश्वर संसार में प्रकाश का एकमात्र स्त्रोत है ।

सूर्य का आध्यात्मिक महत्व

सूर्य को प्रकाशमय कहा जाता है, परन्तु वह तो अन्धकारमय है । उससे भी संसार की, अपनी या अपने धाम की कुछ सुध नहीं मिलती ।1

जैसे ही सूर्य उगता है, सबको अन्धेरी (अज्ञानता) घेर लेती है । सभी जीव - पशु, पक्षी और मनुष्य - संसार के चक्र में फंस जाते हैं ।2

इस अज्ञानता के जाल में फंसकर सब काल (मृत्यु) को भी नहीं देखते । सूर्य के माध्यम से ही लोग संसार को देखते हैं, परन्तु यही उनके बन्धन का कारण भी बनता है ।3



(1) कलस हिन्दुस्तानी 1/15 (2) कलस हि. 1/16 (3) कलस हि. 1/17