वैराग्य
संसार के सुख-भोगों से विरक्ति या अनासक्ति को वैराग्य कहते हैं । यह वह अवस्था है, जिसमें मन में किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति राग-भाव नहीं रहता ।
संसार के सुख-भोगों से विरक्ति या अनासक्ति को वैराग्य कहते हैं । यह वह अवस्था है, जिसमें मन में किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति राग-भाव नहीं रहता ।