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विषय-सूची

श्री खिलवत

श्री कुलजम सरूप के चौदह ग्रन्थों में से एक खिलवत है । यह ज्ञान परब्रह्म के आवेश स्वरूप श्री प्राणनाथ जी के मुख से पन्ना में प्रकट हुआ और इसकी शैली चौपाइयों के रूप में है ।


विषय सूची-

  1. ऐसा खेल देखाइया
  2. हम लिए कौल खुदाए के (मैं खुदी काढ़े का इलाज)
  3. मैं बिन मैं मरे नही
  4. ज्यों जानो त्यों रखो
  5. यों कई देखाई माया (रूहों को कुदरत देखाई हक ने)
  6. गैब बातें मेहेबूब की (पंच रोशनी का मंगला चरन)
  7. ए इलम इन वाहेदत का (बेसकी का प्रकरण)
  8. साकी पिलावे सराब (सराब सुख लज्जत)
  9. देख तूं निसबत अपनी (निसबत का प्रकरण)
  10. रे रूह करे ना कछू अपनी (कलस पंच रोसनी का)
  11. खिलवत हक रूहन की (हक रूहन की खिलवत)
  12. हाए हाए क्यों न सुनो रूहें अर्स की (सूरत हक इस्क के मगज का बेसक)
  13. ल्याओ बुलाए तुम रूहअल्ला (बुलाए ल्याओ तुम रूहअल्ला)
  14. रूहअल्ला सुभाने भेजिया (सूरत अर्स अजीम की बातूनी रोसनी)
  15. आसिक मेरा नाम
  16. मेहेर हुई महंमद पर

इसी सन्दर्भ में देखें-