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विषय-सूची

श्री मारफत सागर

श्री कुलजम सरूप की चौदह किताबों में से एक मारफत सागर है । यह ज्ञान श्री जी साहिब प्राणनाथ जी के मुख से पन्ना में प्रकट हुआ और इसकी शैली चौपाइयों के रूप में है ।


विषय सूची-

  1. पेहेले कहूं अव्वल की (खिलवत की रद बदलें)
  2. तिस वास्ते दुनी पैदा करी (इलम लदुन्नी नुकता तारतम)
  3. फिरके नारी तो कहे (बाब फिरकों का)
  4. जो लों पट न खोल्या बका का (बाब तीनों गिरो के फैल हाल मकान)
  5. तीनों फरिस्तों का बेवरा (बाब तीनों फरिस्तों का बयान)
  6. जैसा अमल रात का (बाब कजा का)
  7. मांगी रसूलें रेहेमत (बाब फितने का)
  8. आए लिखे बड़ी दरगाह से (बाब चारों निसान का - दाभतूलअर्ज का निसान)
  9. कह्या दज्जाल अस्वार गधे पर (दज्जाल का निसान)
  10. कह्या मगरब ऊगसी सूरज (सूरज मगरब का निसान)
  11. कहे आजूज माजूज (आजूज माजूज का निसान)
  12. चारों निसान ए कहे (बाब तीन निसान का - रूहअल्ला इमाम असराफील)
  13. जाए इलम पोहोंच्या हक का (झंडा हकीकी खड़ा हुआ हिंद में)
  14. कह्या झण्डा उठ्या ईमान का (झण्डा सरीयत का उठ्या)
  15. फरदा रोज पेहेले कह्या (बाब फरदा रोज का)
  16. भाई महंमद के मोमिन (बाब हादी गिरो की पेहेचान)
  17. तो असराफीलें आखिर (बाब असराफील का)

इसी सन्दर्भ में देखें-