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विषय-सूची

श्री सनन्ध

श्री कुलजम सरूप की चौदह किताबों में से एक सनन्ध है । यह ज्ञान श्री जी साहिब प्राणनाथ जी के मुख से अनूपशहर में प्रकट हुआ और इसकी शैली चौपाइयों के रूप में है ।


विषय सूची-

  1. अल्ला मुहबा मासूक (सनंध पेहेली अल्ला रसूल की)
  2. कलाम आरबी हक रसूल ना (सनंध आरबी की)
  3. भेख भाखा जिन रचो (हिंदुस्तानी भाखा में चौपाई सुरू)
  4. सुनियो बानी मोमिनो (सनंध इमाम के स्वाल जवाब की)
  5. पिया मैं विध विध तोको ढूंढ़िया (सनंध खोज की)
  6. मैं चाहत न स्वांत इन भांत (सनंध विरह तामस की)
  7. तलफे तारूनी रे (सनंध विरह इस्क वृध की)
  8. विरहा गत रे जाने सोई
  9. इस्क बड़ा रे सबन में
  10. सनमंध मूल को
  11. एह बात मैं तो कहूं (सनंध विरह के प्रकास की)
  12. अब ढूंढ़ों रूहें अर्स की (सनंध मोमिन को ढूंढ़ने की)
  13. अब निरखो नीके कर (सनंध खेल के मोहोरों की)
  14. अब गुझ बताऊं खेल का (सनंध खेल में खेल की)
  15. अजूं देखाऊं नीके कर (सनंध जुदे जुदे फिरकों के जिद की)
  16. ए खेल रच्यो हम खातिर (सनंध - वैराट की जाली)
  17. ए खेल देख्या ख्वाब का (सनंध वेद के कोहेड़े की)
  18. मोमिन यामें न रांचहीं (सनंध हांसी की)
  19. ए जो फरेब तुम देखिया (सनंध कलमें की)
  20. फुरमान ल्याया जो रसूल (सनंध फुरमान की)
  21. सुनियो अब मोमिनों (सनंध - मुस्लिम की रेहेनी)
  22. गुझ तो तुमको कहूंगी (सनंध - अर्स अरवाहों के लछन)
  23. दिल हकीकी रूहें अर्स की (सनंध दिल मोमिन अर्स सुभान की)
  24. केहेती हों मोमिन को (सनंध - रसूल साहेब की पेहेचान बातूनी)
  25. कही कजा जो रसूलें (सनंध नबी नारायन की)
  26. नेक कहूं दोजख की (सनंध दोजख की)
  27. अब नींद उड़ी सबन की (सनंध अगुओं ग्यानी की)
  28. इत आए करी जो रसूलें (सनंध बिना एक महंमद की)
  29. अब सो कहां है महंमद (सनंध - अब सो कहां है महंमद)
  30. खातिर प्यारी रूहें मोमिन (सनंध इमाम रसूल की)
  31. जिन मोमिन के कारने (सनंध दज्जाल की)
  32. प्रताप इमाम कहा कहूं (सनंध इमाम के प्रताप की)
  33. सुनियो दुनियां आखिरी (सनंध कजा की)
  34. सम्मेन कलिम कलामी (सनंध आरबी की)
  35. कारण अरवा अर्सजी (सनंध - सिन्धी भाखा)
  36. इत ईसा मसी आए के (सनंध ईसा इमाम के कजा की)
  37. अब कहूं बिध नूरियों (सनंध फरिस्ते फना आखिरत भिस्त कयामत की)
  38. हुकमें परदा उड़ाइया (सनंध हुकम की)
  39. कह्या जाहेर रसूलें (सनंध नूर नूर-तजल्ला की)
  40. लिख्या है कतेब में (सनंध खंडनी जाहेरियों की)
  41. तुमको देऊँ सुख जागनी (सनंध - पत्री बड़ी)
  42. प्रीतम मेरे प्रान के (सनंध - पत्री छोटी)

इसी सन्दर्भ में देखें-