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विषय-सूची

श्री सिनगार

श्री कुलजम सरूप के चौदह ग्रन्थों में से एक सिनगार है । यह ज्ञान परब्रह्म के आवेश स्वरूप श्री प्राणनाथ जी के मुख से पन्ना में प्रकट हुआ और इसकी शैली चौपाइयों के रूप में है ।


विषय सूची-

  1. बरनन करो रे रूहजी
  2. अब हुकमें द्वारा खोलिया (हुकमें इस्क का द्वार खोल्या है)
  3. आसिक इन चरन की
  4. ऐसा आवत दिल हुकमें (आतम फरामोसी से जागे का प्रकरण)
  5. सखी री तेज भरयो आकास लों (चरन को अंग तिनमें नख अंग)
  6. फेर फेर चरन को निरखिए (चरन हक मासूक के उपली सोभा)
  7. ए क्यों छोड़े चरन मोमिन (चरन निसबत का प्रकरण अन्दरतांई)
  8. उमर जात प्यारी सुपने (कदम परिकरमा निसबत)
  9. अर्स अंदर सुख देवहीं (अर्स अंदर निसबत चरन)
  10. असल इजार एक पाच की (श्री राजजी की इजार)
  11. रूह मेरी क्यों न आवे तोहे लज्जत (खुले अंग सिनगार छबि छाती)
  12. मुख मेरे मेहेबूब का (खभे कण्ठ मुखारविंद सोभा समूह)
  13. श्रवन की किन विध कहूं (हक मासूक के श्रवण अंग)
  14. देखों नैना नूरजमाल (हक मासूक के नेत्र अंग)
  15. गौर निरमल नासिका (हक मेहेबूब की नासिका)
  16. जाको नामै रसना (हक मासूक की जुबान की सिफत)
  17. देत निमूना बीच नासूत (हक मासूक के वस्तर)
  18. भूखन सब्दातीत के (हक मेहेबूब के भूखन)
  19. फेर फेर पट खोलें हुकम (जोबन जोस मुख बीड़ी छबि)
  20. हक इलम के जो आरिफ (हक मासूक का मुख सागर)
  21. याद करो हक मोमिनों (मुखकमल मुकट छबि)
  22. क्यों बरनों हक सूरत (सिनगार कलस तिन सिनगार बरनन विरहा रस)
  23. अरवा आसिक जो अर्स की (मोमिन दुनी का बेवरा)
  24. सोई कहूं हकीकत मारफत (हकीकत मारफत का बेवरा)
  25. इस्क रब्द खिलवत में (मोमिनों की सरियत, हकीकत, मारफत, इस्क रब्द का प्रकरण)
  26. बसरी मलकी और हकी (कलस का कलस)
  27. एता मता तुम को दिया (मता हक-ताला ने मोमिनों को दिया)
  28. बरनन कराए मुझपे
  29. रूहों मैं रे तुमारा आसिक (हक मेहेबूब के जवाब)

इसी सन्दर्भ में देखें-