यमराज | Yamraaj
पौराणिक वर्णन के अनुसार, यमलोक के स्वामी को यमराज कहते हैं । यमराज ही सभी प्राणियों के अच्छे और बुरे कर्मों का निर्णय करके उन्हें फल देते हैं ।
यह जो खेल के बंजारे (जीव) हैं, इनके सिर पर यमराज का दण्ड चलता है । (उन्हें कर्मों का फल भुगतने के लिए) कुछ दिन स्वर्ग में और उसके पश्चात् नर्क के कुण्ड में रहना पड़ता है ।1
(1) कलस हिन्दुस्तानी 17/31
