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धर्म | Dharm

धर्म का अर्थ है जो धारण करने योग्य हो । इसे सद्गुण, सद्विचार या नैतिक मूल्यों के सन्दर्भ में लिया जा सकता है । सरल शब्दों में, अच्छे गुण या उच्च विचारों को धर्म कहा जा सकता है ।

जो धर्म का त्याग करता है, वह स्वयं नष्ट हो जाता है । और जो उसे सुरक्षित रखता है, वह स्वयं सुरक्षित रहता है ।1

सभी मनुष्यों का धर्म एक ही है, किन्तु अपनी अलग-अलग पूजा-पद्धतियों, रीति-रिवाजों और भेष के आधार पर लोगों ने अनेक धर्म बना लिए हैं ।

धर्म के दस लक्षण

मनुस्मृति में धर्म के दस लक्षणों का वर्णन है-

  1. धृति (धैर्य)
  2. क्षमा
  3. दम
  4. अस्तेय (चोरी न करना)
  5. शौच
  6. इन्द्रिय निग्रह
  7. धी (बुद्धि)
  8. विद्या
  9. सत्य
  10. अक्रोध


(1) मनुस्मृति