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विषय-सूची

बुद्धि

बुद्धि अन्तःकरण का एक सूक्ष्म अंग है ।

बुद्धि का कार्य है विवेचना करना । सत्य-असत्य, धर्म-अधर्म, न्याय-अन्याय का निर्णय बुद्धि करती है । ज्ञान से बुद्धि को मार्गदर्शन मिलता है । बुद्धि में सकारात्मक और नकारात्मक विचारों का आना-जाना बना रहता है । उसके आधार पर ही बुद्धि चिन्तन करके निर्णय लेती है ।

अलग-अलग प्राणियों की बुद्धि का स्तर भी अलग-अलग होता है, जो स्थूल मस्तिष्क की कार्यक्षमता पर निर्भर करता है । मनुष्य की बुद्धि अन्य सभी प्राणियों से श्रेष्ठ है ।

जीव और आत्मा के आधार पर बुद्धि के तीन प्रकार हैं- स्वप्न बुद्धि, जाग्रत बुद्धि और निज बुद्धि

स्वप्न बुद्धि

इस संसार के जीवों की बुद्धि को स्वप्न बुद्धि कहते हैं ।

जहां तक बुद्धि, तुरीय (समाधि अवस्था), दृष्टि, श्रवण तथा मन की पहुंच है और जो वचनों में वर्णित किया जा सकता है, यह सब उत्पन्न होकर नष्ट होने वाला है अर्थात् नश्वर है ।1



(1) कलस हिन्दुस्तानी 2/13