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कर्म | Karm

कर्म का अर्थ होता है- किसी कार्य को करना ।

कर्म दो माध्यम से किए जाते हैं-

  1. शरीर से किए जाने वाले कर्मों को शारीरिक कर्म कहते हैं ।
  2. अन्तःकरण के स्तर पर किए जाने वाले कर्मों को मानसिक कर्म कहते हैं ।

कर्म के प्रकार

सामान्यतः दो प्रकार के कर्म माने जाते हैं- पाप और पुण्य ।

अच्छे कर्मों को पुण्य कहते हैं और बुरे कर्मों को पाप कहते हैं ।

इस विषय में कर्म-फल सिद्धान्त अत्यन्त महत्वपूर्ण है ।

आध्यात्मिक कर्म

आध्यात्मिक कर्म को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है-

  1. कथनी
  2. करनी
  3. रहनी