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रहनी | Rehni

कथनी और करनी के बाद रहनी आती है । रहनी का अर्थ है- आध्यात्मिक ज्ञान को पूर्ण रूप से जीवन में उतार लेना ।

ब्रह्मसृष्टियों की रहनी

तू हाथी के समान पाखर (मेहेर रूपी कवच) पहनकर घण्टा बजाते हुए (निश्चिन्त होकर) चल । अपने को सिकोड़ कर इतना छोटा (अहंकार रहित) कर ले कि सुई के छिद्र में घुस सके । भूल मत और अपने शरीर को न्यौछावर कर दे, दौड़ कर पहाड़ पर चढ़ और छलांग लगा दे (अपनी समस्त सांसारिक इच्छाओं का त्याग करके प्रियतम पर अपना जीवन समर्पित कर दे) ।1



(1) कलस हिन्दुस्तानी 3/6