लोक
लोक का अर्थ होता है संसार, ग्रह, परत आदि ।
चौदह लोक
पुराणों के अनुसार यह ब्रह्माण्ड चौदह लोकों से बना है । उन्हे चौदह तबक या चौदह भुवन भी कहते हैं । ऊपर से नीचे के क्रम में चौदह लोकों के नाम हैं-
- सत्य लोक (वैकुण्ठ)
- तप लोक
- जन लोक
- महर्लोक
- स्वर्ग लोक
- भुवर्लोक
- भूलोक या मृत्यु लोक (पृथ्वी)
- अतल लोक
- वितल लोक
- सुतल लोक
- तलातल लोक
- महातल लोक
- रसातल लोक
- पाताल लोक
यह चौदह लोक स्वप्न के हैं और इनका मूल नींद (निराकार) है ।1
तीन लोक
सामान्य बोलचाल में, चौदह लोकों को संक्षेप में तीन लोक या त्रैलोक कहकर भी सम्बोधित किया जाता है । प्रायः तीन लोक से तात्पर्य है- पाताल, पृथ्वी और स्वर्ग ।
(1) कलस हिन्दुस्तानी 2/37
