वैकुण्ठ | Vaikunth
क्षर ब्रह्माण्ड के चौदह लोकों में से सर्वोच्च लोक का नाम वैकुण्ठ या सत्य लोक है । वैकुण्ठ का अर्थ होता है जहां कुण्ठा (निष्क्रियता) न हो ।
वैकुण्ठ में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का निवास है । सूक्ष्म होने के कारण इसे बाह्य दृष्टि से देखा नहीं जा सकता, परन्तु अन्य लोकों की तरह वैकुण्ठ भी नश्वर है ।
जो छल का व्यापार छोड़कर वैकुण्ठ का व्यापार (भगवान विष्णु की भक्ति) करता है, इन्हें सत लोक (वैकुण्ठ) की प्राप्ति होती है ।1
नित्य वैकुण्ठ
नित्य वैकुण्ठ में अक्षर का निवास है ।2
प्रायः अक्षर धाम को नित्य वैकुण्ठ कहते हैं । यह स्थान चौदह लोक व निराकार से परे है ।
नित्य वैकुण्ठ का कभी विनाश नहीं होता अर्थात् यह अखण्ड है ।
(1) कलस हिन्दुस्तानी 17/33 (2) प्रकास हिन्दुस्तानी 37/9
