तप
तप का अर्थ होता है तपस्या करना । किसी मनोवांछित इच्छा की पूर्ति या चमत्कारिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए तप किया जाता है ।
क्या तप करने से परब्रह्म मिलते हैं?
कोई बर्फ में गले या अग्नि में जले, कोई पर्वत से कूद जाए या अपने शरीर को बार-बार कटवाए, फिर भी खसम (परब्रह्म) को प्राप्त नहीं कर पाता ।1
(1) कलस हिन्दुस्तानी 15/18
