युगल स्वरूप
युगल स्वरूप का अर्थ होता है दो स्वरूप । इसका प्रयोग प्रायः अपने आराध्य और उनकी आह्लादिनी शक्ति के लिए किया जाता है । इसके उदाहरण हैं- राज श्यामा, श्यामा श्याम, राधा कृष्ण, सीता राम, आदि ।
युगल स्वरूप का अर्थ होता है दो स्वरूप । इसका प्रयोग प्रायः अपने आराध्य और उनकी आह्लादिनी शक्ति के लिए किया जाता है । इसके उदाहरण हैं- राज श्यामा, श्यामा श्याम, राधा कृष्ण, सीता राम, आदि ।