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विषय-सूची

भक्ति या बन्दगी

भक्ति का अर्थ है- परब्रह्म या देवी-देवता के प्रति श्रद्धा रखना और नियमित रूप से उनकी पूजा-अर्चना करना । भक्ति करने वाले को भक्त कहते हैं ।

नवधा भक्ति

पुराणों में नौ प्रकार की भक्ति का वर्णन है, जिसे नवधा भक्ति कहते हैं-

  1. श्रवण
  2. कीर्तन
  3. स्मरण
  4. पाद सेवन
  5. अर्चन
  6. वन्दन
  7. दास्य
  8. सख्य
  9. आत्म निवेदन

भक्ति से परे है आत्म-जाग्रति

अनेक लोग बन्दगी (भक्ति) करते हैं और अनेक लोग विरह भी लेते हैं, परन्तु जो सुख परब्रह्म हम (ब्रह्मसृष्टियों) को जाग्रत करके देते हैं, वह उन्हें सपने में भी नहीं मिलता ।1



(1) कलस हिन्दुस्तानी 9/28