मुहम्मद | Muhammad
मुहम्मद का अर्थ होता है महिमा से परे । यह एक उपाधि है । यह उपाधि पाने का अधिकार सिर्फ तीन स्वरूपों को है- बसरी, मलकी और हकी ।
बसरी सूरत
आखिरी पैगम्बर को सबसे पहले यह उपाधि मिली । उन्हें सब हज़रत मुहम्मद के नाम से ही जानते हैं । उन्हें मुहम्मद की बशरी सूरत माना गया है । उनके माध्यम से कुरआन का ज्ञान प्रकट हुआ ।
मलकी सूरत
सद्गुरु धनी श्री देवचन्द्र जी (रूह अल्लाह) को भी मुहम्मद कहा गया है । उन्हें मुहम्मद की मलकी सूरत माना गया है । उनके माध्यम से सबसे पहले तारतम ज्ञान संसार में प्रकट हुआ ।
हकी सूरत
श्री जी साहिब जी को आखिरी मुहम्मद या आखिरी इमाम कहा गया है । उन्हें मुहम्मद की हकी सूरत माना गया है । उनके माध्यम से तारतम ज्ञान का विस्तार श्री कुलजम सरूप के रूप में हुआ ।
