सखियां
ब्रह्मसृष्टियों ने ब्रज में गोपियों के रूप में श्री कृष्ण के साथ प्रेम की लीला की । बाद में इन्होंने वृन्दावन में रास की लीला की । इन्हे ही सखियां कहा जाता है ।
जिन जीवों पर सखियों ने लीला की, उनके स्वभाव के आधार पर सखियों को तीन प्रकार का माना गया है- तामसी, राजसी और स्वांतसी ।
तामसियां
ब्रज और रास दोनों लीला में तामसियों ने दुःख नहीं देखा । प्रियतम के प्रेम से विमुख नहीं हुईं, तो ये दुःख कैसे देख सकती थीं ।1
आधा साथ (छह हजार ब्रह्मसृष्टि) अटक रहा था, जो तामसियां नारी हैं, क्योंकि उन्हें खेल देखने की इच्छा (शेष) थी । यह खेल (जागनी ब्रह्माण्ड) मूल रूप से इनकी खातिर बना ।2
(1) प्रकास हिन्दुस्तानी 37/50 (2) कलस हिन्दुस्तानी 12/6
