आशा | Asha
आशा का अर्थ होता है आस या उम्मीद । अध्यात्म में परब्रह्म के साक्षात्कार या मिलन की आशा के साथ ही साधना की जाती है ।
हे दुल्हा ! जो तेरा (विरह का) दर्द है, उसने सब (इच्छाओं का) नाश कर डाला । परन्तु मेरे जीव ने तुम्हारे साथ विलास (मधुर मिलन) करने की आशा नहीं छोड़ी है ।1
विरह मेरे जीव को छोड़ता नहीं और जीव को भी पिया से मिलने की आशा है । यदि मैं इस शरीर के रहते पिया से मिलन कर सकूं, तभी मैं सुहागन कहलाऊंगी ।2
मेरे अन्दर (दो बातों में) लड़ाई छिड़ गई है- एक विरह और दूसरी आशा । यह विरह भी प्रियतम से बिछड़ने का है । आशा भी प्रियतम से विलास (मिलन) की है ।3
(1) कलस हिन्दुस्तानी 8/2 (2) कलस हि. 8/3 (3) कलस हि. 8/4
