ध्यान | Dhyan
आसन पर बैठकर परब्रह्म के स्वरूप में मग्न हो जाने को ध्यान कहते हैं । ध्यान योग का अंग है और उसे करने की अनेक विधियां प्रचलित हैं । जिस विधि से परमहंसों ने परब्रह्म का साक्षात्कार किया है, उसे चितवन कहते हैं ।
ध्यान की सफलता के लिए आसन का अभ्यास अनिवार्य है ।