योग | Yog
योग का अर्थ है मिलन । जिस क्रिया से आत्मा का परमात्मा से मिलन करने का प्रयास किया जाता है, उसे योग कहते हैं ।
योग की कई विधियां प्रचलित हैं- ज्ञान योग, राज योग, कर्म योग, प्रेम योग, हठ योग, आदि ।
योग द्वारा प्राप्त होने वाली विभिन्न अवस्थाएं हैं- सम्प्रज्ञात समाधि, असम्प्रज्ञात समाधि, कैवल्य, तुरीय, कुण्डलिनी जागरण, आदि ।
प्रायः इन क्रियाओं से शरीर को अभूतपूर्व स्वास्थ्य लाभ भी होता है, इसलिए आजकल योग को व्यायाम समझ लिया जाता है ।
अष्टांग योग
ऋषि पतंजलि द्वारा विकसित योग क्रिया को अष्टांग योग कहते हैं । यह विधि सर्वाधिक प्रचलित है और इसे राज योग भी कहते हैं । अष्टांग योग के क्रमवार आठ चरण हैं-
- यम
- अहिंसा
- सत्य
- अस्तेय
- ब्रह्मचर्य
- अपरिग्रह
- नियम
- शौच
- सन्तोष
- तप
- स्वाध्याय
- ईश्वर प्राणिधान
- आसन
- प्राणायाम
- प्रत्याहार
- धारणा
- ध्यान
- समाधि
