जोश
यहां परब्रह्म की जोश रूपी शक्ति का प्रसंग है । अक्षरातीत के जोश ने संसार में अनेक अलौकिक लीलाएं की हैं ।
कहीं-कहीं जोश को एक फरिश्ते के रूप में भी चित्रित किया जाता है, जिसका नाम जिबराईल है ।
श्री कृष्ण में परब्रह्म का जोश
श्याम (कृष्ण) का जो दो भुजा वाला स्वरूप था, उसमें अक्षर की आत्मा और धाम धनी (अक्षरातीत) का जोश था । यह खेल सभी सखियों ने देखा । हम प्रियतम के साथ बहुत आनन्दपूर्वक खेले ।1
(1) प्रकास हिन्दुस्तानी 37/30
