वृन्दावन | Vrindaavan
वृन्दावन एक स्थान है, जहां श्री कृष्ण ने सखियों के साथ रास लीला की थी ।
वृन्दावन दो हैं- नित्य और अनित्य ।
नित्य वृन्दावन
नित्य या अखण्ड वृन्दावन क्षर ब्रह्माण्ड से परे अखण्ड योगमाया में है ।
परब्रह्म ने श्री कृष्ण के रूप में सबसे पहले जो महारास की लीला की थी, वह नित्य वृन्दावन में ही हुई थी । वह लीला आज भी अखण्ड है और उसी प्रकार चल रही है ।
बाद में, उस लीला की पुनरावृत्ति इस संसार में हुई, परन्तु उसमें परब्रह्म और उनकी सखियां नहीं थे ।
अनित्य वृन्दावन
इस संसार में मथुरा के पास जो वृन्दावन नामक स्थान है, उसे ही अनित्य वृन्दावन कह गया है ।
यहीं पर रास लीला की पुनरावृत्ति हुई थी ।
